ऑंसु

ऑंसु थमते नहीं क्योंकि एहसास काबू में नहीं,
दिमाग कहता कुछ और पर दिल काबू में नहीं। 
अश्क ही है जो साथ निभाते आए हैं हमेशा से,
इसीलिए किसी और की हमें 
जरूरत ही नहीं...!

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