Saturday, 17 November 2012

'नींद'

कल सारी  रात  आई ना  मुझे नींद !
दिनभरके मेरे कामने उडा  दी मेरी नींद
इम्तेहान की सोच ने बस भूला  दी मेरी नींद !
           निबंध कौनसा लिखूंगी ,पत्र कब लिख पाऊँगी
           प्रश्नों के उत्तर क्या सही-सही दे पाऊँगी ?
           व्याकरण का आकरण -
           क्या बिन गलती हो पाएगा ?
           इस चिंता ने भी कल रात को
           भूला दी मेरी नींद !

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