Wednesday, 7 November 2012

'चेहरा'

एक चहेरा ,
             मुस्कुराता हुआ !
             जो रहता है हमेशा अपनेआपमेँ खोया !
             ये डर से कि  शायद 
             कहीं कोई उसकी नजरें चुरा ना ले !
हमेशा अपने ही ख़यालात में खोया रहता है वो ,
शायद फिर इस उल्ज़न में डूबा है 
कि  कहीं कोई उसका ख्याल उससे छीन न ले !
              सबसे हमेशा भागाभागासा रहेता  है 
              क्योंकि शायद वो नहीं चाहता
              कि  कोई उसे अपना मानकर उसके करीब आ जाये !
मगर फिर भी ,
एक और चहेरा है 
जिसे यह चहेरा बेहद पसंद है !!!

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